Tuesday, April 3, 2007

काश ये मति पहले आ जाती

आज ही अखवार में बड़ी रोचक खबर है कि हरियाणा में २८ गावों के लोगों ने क्रिकेट खेलने पर प्रकिबंध लगाने का फैसला किया है। हर गांव में दो लोगों की कमेटी इस बात पर नजर रखेगी कि कोई बच्चा या बड़ा क्रिकेट के बैट को हाथ ना लगाये। काश ये मति पहले आ जाती तो क्रिकेट का और देश का ये हाल ना होता।
वर्ल्ड कप से क्या बाहर हुआ भारत क्रिकेट जगत में तो जैसे तहलका मच गया। क्रिकेटरों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ। आगे कोई प्रतिबंध करे ना करे कुछ नही कह सकते बेचारे। ये बात और है कि अधिकतर क्रिकेटर अपने आपको पहले से ही सिक्योर करके बैठे हैं। सचिन, सहवाग ने रेस्टोरेंट्स की चैन खोल दी है। पता है कि रन तो बन नही पायेंगे तो रनो की भूख रसगुल्ले खा कर मिटायेंगे। उधर इनकी हार से खबरिया चैनल्स को भी बहुत नुकसान झेलना पड़ रहा है। सभी चैनल्स ने क्रिकेट की खास कवरेज के लिये क्रिकेट के विशेषज्ञों के पैनल्स तैयार किये थे। कुछ सबसे तेज थे तो कपिल दा को ले आये तो कुछ ने अजय जडेजा से काम चलाये । अब ये विशेषज्ञ लोग भी तो पूरा पैकेज लेते हैं मसलन जितना बड़ा सितारा उतना बड़ा पैकेज। किसी की दुकान कुछ लाख प्रति शो होती है तो कोई कुछ करोड़ में काम चलाता है। अब भारत के बाहर होने के बाद लोगों का गुस्से का असर क्रिकेटरों के साथ साथ इन चैनल्स पर भी उतर रहा है। अब इनकी बकवास सुनने के लिये किसी के पास वक्त ही नही है।



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