tag:blogger.com,1999:blog-2838083744330842022.post-70220434967132289752007-04-06T22:44:00.000-07:002007-04-06T22:46:56.767-07:00ग़म-ए-जिंदगी--<span style="font-size:130%;"><span style="color:#009900;">ग़म-ए-जिंदगी के हमसफर आंसुओं,<br />बस छोटी सी एक बात बना दो,<br />संगदिल मेरे दिल को कर दो,<br />जज्बातों को फौलाद बना दो।<br /> न सोचूं न चाहूं ना मुलाकात हो<br /> न करवट ही बदलूं न कोई याद हो।<br /> बिछड़े तो हमको गरज़ है क्या<br /> झटक दूं दिल से गर फरियाद हो।<br />खुद से है शिकायत या कि खुदा से है <span class=""></span></span></span><br /><span class=""></span><span style="font-size:130%;color:#009900;">हुआ दिया भी बुझा बुझा सा है।<br />आईने को रखता हूं गर अपने रु-ब-रु।<br />आईने का शख्स भी मुझसे जुदा सा है।<br /> वो राह में मिले तो नज़र अपनी बचा लूं,<br /> वो ख्वाब में मिले तो नींदे उड़ा लूं,<br /> याद भी आये तो आंख नम ना हो<br /> गर चाह में मिले तो दिल को जला लूं।<br />अबतक मेरे यकीं को मिलता रहा है धोखा,<br />सैलाब आंसुओं का क्या आके किसी ने रोका<br />ना आवाज ही दी मुझको न किसी ने टोका<br />चलता गया मैं ऐसे जैसे हवा का झोंका।<br /> तड़पते दिलों की हर ओर सदायें हैं<br /> ग़मों से लिपटी बहती हवायें हैं<br /> आवाज़ की कशिश का हर तार है टूटा<br /> चमन में हर तरफ फूल मुरझाये हैं।<br />तड़प ए दिल कि आज रोना है तुझे<br />जख्म-ए-जिगर को आंसुओं से धोना है तुझे<br />हुई नाकाम हजा़रों जिंदगिया तो क्या<br />रु-ब-रु फिर नयी जिंदगी से होना है तुझे।</span><div class="blogger-post-footer"><a href="http://www.akshargram.com/narad" target="_blank"><img src="http://www.jitu.info/images/narad.jpg" border="1" alt="NARAD:Hindi Blog Aggregator"/></a></div>बेचैन उत्साहीnoreply@blogger.com